होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला
होटल और धर्मशाला की वेबसाइट, जो बुकिंग सीधे आप तक लाए
ज़्यादातर श्रद्धालु फ़ोन पर ही, गूगल मैप्स और कुछ फ़ोटो देखकर ठहरने की जगह चुनते हैं। हम होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला की ऐसी वेबसाइट बनाते हैं जिसमें कमरे, दाम और मंदिरों से दूरी साफ़ दिखे, और बुकिंग सीधे आपके व्हाट्सऐप पर आए, ताकि कम मेहमान कमीशन लेने वाले ऐप्स से होकर आएँ।

कहाँ अटकती है बात
हर कमरे पर कमीशन
बुकिंग ऐप हर बुकिंग का हिस्सा लेते हैं, उन मेहमानों से भी जो पिछले साल आपके यहाँ रुके थे और सीधे बुक करने को तैयार हैं।
दिन भर वही सवाल
“AC है?”, “बांके बिहारी कितनी दूर है?”, “खाना सात्विक है?” जवाब ऑनलाइन न हों तो हर मेहमान फ़ोन करता है, और कुछ कहीं और बुक कर लेते हैं।
त्योहार पर फ़ुल, बाक़ी दिन ख़ाली
होली और जन्माष्टमी पर कमरे अपने-आप भर जाते हैं। बाक़ी साल न पुराने मेहमानों तक पहुँचने का तरीक़ा होता है, न परिक्रमा की योजना बना रहे ग्रुप तक।
हम क्या बनाते हैं
होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला के लिए बना
सवालों का जवाब देते रूम पेज
हर तरह के कमरे की असली फ़ोटो, शुरुआती दाम, और वो बातें जो मेहमान पूछते हैं: AC, लिफ़्ट, पार्किंग, गर्म पानी, सात्विक खाना, चेक-इन का समय।
मंदिरों से दूरी
एक आसान मैप वाला हिस्सा, जिसमें मंदिरों, घाटों और स्टेशन तक पैदल या गाड़ी से लगने वाला समय दिखे।
व्हाट्सऐप पर बुकिंग
एक बुकिंग बटन जो तारीख़ और कमरा पहले से भरकर व्हाट्सऐप खोले, और चेक-इन की जानकारी अपने-आप वापस भेजे।
हफ़्तों पहले त्योहार पेज
होली, जन्माष्टमी, राधाष्टमी और कार्तिक के पेज, उपलब्धता और बुकिंग की सलाह के साथ, श्रद्धालुओं के सर्च शुरू करने से पहले तैयार।
शुरुआत कहाँ से
सही पैकेज
ज़्यादातर होटल वेबसाइट (₹4,499 से; कई रूम पेज वाली साइट का दाम आपके कमरे देखकर बताते हैं) और सही तरीक़े से बनी गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल से शुरू करते हैं। व्हाट्सऐप पर चेक-इन मैसेज बाद में जोड़े जा सकते हैं।

आपके मेहमान कहाँ से सर्च करते हैं
वृंदावन में मेहमान परिक्रमा मार्ग, रमण रेती और छटीकरा रोड की जगहों की तुलना बांके बिहारी, प्रेम मंदिर और इस्कॉन से दूरी के हिसाब से करते हैं। मथुरा में वो श्रीकृष्ण जन्मभूमि और होली गेट के पास ढूँढते हैं; गोवर्धन और बरसाना में परिक्रमा के ग्रुप और लठमार होली देखने वाले महीनों पहले बुक करते हैं। आपके पेज ठीक इन्हीं सर्च के लिए बने होने चाहिए।
हमारे इलाक़े
क्या मेहमान वेबसाइट पर ही बुक और पेमेंट कर सकते हैं?
सामान्य तौर पर मेहमान तारीख़ और कमरा भरकर व्हाट्सऐप पर बुकिंग रिक्वेस्ट भेजते हैं, जो आसान है और इसमें गेटवे की फ़ीस नहीं लगती। अगर आपको एडवांस पेमेंट चाहिए, तो पेमेंट गेटवे से UPI या कार्ड पेमेंट जोड़ सकते हैं।
क्या बुकिंग ऐप्स बंद कर दूँ?
नहीं, पहुँच के लिए उन्हें चालू रखिए। आपकी अपनी वेबसाइट दोबारा आने वाले मेहमानों, जान-पहचान से आने वालों और गूगल मैप्स पर ढूँढने वालों के लिए सीधा रास्ता है, और कमीशन वहीं बचता है।
क्या त्योहारों पर कमरों के दाम बदल सकते हैं?
हाँ। नए दाम व्हाट्सऐप पर भेज दीजिए, हम बदल देंगे, या साइट ऐसी बना देंगे कि आप ख़ुद दो मिनट में बदल सकें।
क्या आप ट्रस्ट की धर्मशालाओं की वेबसाइट बनाते हैं?
हाँ, ट्रस्ट की ज़रूरत की चीज़ों के साथ: नियम और समय, पहचान पत्र की जानकारी, दान का विवरण और व्हाट्सऐप पर कमरे की रिक्वेस्ट।