गाइड
वृंदावन में होटल और गेस्ट हाउस की वेबसाइट: ज़्यादा सीधी बुकिंग कैसे पाएँ
वृंदावन और मथुरा के होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के लिए काम की गाइड: वेबसाइट में क्या होना चाहिए, श्रद्धालु कैसे ढूँढते हैं, और सीधे व्हाट्सऐप पर बुकिंग कैसे पाएँ।
- Braj Digital टीम
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हर वीकेंड, एकादशी और त्योहार पर परिवार वृंदावन और मथुरा में ठहरने की जगह ढूँढते हैं। बहुत से लोग गूगल मैप्स या ट्रैवल पोर्टल पर जो पहला ठीक-ठाक विकल्प मिलता है, वहीं बुक कर लेते हैं। यह गाइड बताती है कि होटल, गेस्ट हाउस या धर्मशाला अपनी वेबसाइट से इनमें से ज़्यादा बुकिंग सीधे कैसे पा सकते हैं।
श्रद्धालु ठहरने की जगह कैसे चुनते हैं
- वो फ़ोन पर ढूँढते हैं, अक्सर हिंदी या हिंग्लिश में: "बांके बिहारी के पास होटल", "प्रेम मंदिर गेस्ट हाउस", "वृंदावन धर्मशाला"
- वो फ़ोटो, मंदिर से दूरी, दाम और रिव्यू की तुलना करते हैं
- बुक करने से पहले उनके छोटे-छोटे सवाल होते हैं: पार्किंग, लिफ़्ट, खाना, चेक-इन का समय, बुज़ुर्गों के लिए कमरा
- लंबा फ़ॉर्म भरने की बजाय वो कॉल या व्हाट्सऐप करना पसंद करते हैं
अपनी वेबसाइट क्यों ज़रूरी है
ट्रैवल पोर्टल काम के हैं, लेकिन हर बुकिंग पर कमीशन देना पड़ता है और मेहमान का रिश्ता पोर्टल से ही रहता है। अपनी वेबसाइट और गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल से मेहमान सीधे आपसे संपर्क करते हैं, पूरा पैसा आपके पास रहता है, और अगले साल एक व्हाट्सऐप मैसेज से आप उन्हें फिर बुला सकते हैं।
होटल की वेबसाइट में क्या-क्या ज़रूर हो
- हर तरह के कमरे, बाथरूम, बिल्डिंग के सामने और कॉमन एरिया की असली फ़ोटो
- कमरों के प्रकार और शुरुआती दाम, या साफ़ "आज का दाम पूछें" बटन
- बांके बिहारी, प्रेम मंदिर, इस्कॉन और परिक्रमा मार्ग तक दूरी और रास्ता
- हर पेज पर तैयार मैसेज वाला व्हाट्सऐप बुकिंग बटन
- श्रद्धालुओं के काम की सुविधाएँ: पार्किंग, लिफ़्ट, गर्म पानी, सात्विक भोजन, पावर बैकअप
- नियम और पॉलिसी: चेक-इन और चेक-आउट का समय, ID की ज़रूरत और कैंसिलेशन
- असली मेहमानों के रिव्यू, और आपके गूगल रिव्यू का लिंक
- पूरे भारत के परिवारों और विदेशी मेहमानों के लिए हिंदी और अंग्रेज़ी
काम की बात: हर बड़े सीज़न, जैसे होली, जन्माष्टमी और कार्तिक से पहले, उपलब्धता और कितना पहले बुक करना है, इसके साथ त्योहार का पेज जोड़िए। श्रद्धालु हफ़्तों पहले से ढूँढना शुरू कर देते हैं।
होटल को ढूँढना आसान बनाइए
- पेज के टाइटल और लिखावट में अपना इलाक़ा सहज तरीक़े से लिखिए, जैसे "बांके बिहारी मंदिर के पास गेस्ट हाउस, वृंदावन"
- वेबसाइट और गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर नाम, पता और फ़ोन नंबर बिल्कुल एक जैसा रखिए
- स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़िए, ताकि गूगल समझे कि आप होटल हैं और कहाँ हैं
- वेबसाइट तेज़ रखिए: ज़्यादातर श्रद्धालु मोबाइल डेटा पर, अक्सर भीड़ वाली जगहों से सर्च करते हैं
सबसे व्यस्त दिनों को ऑटोमेट कीजिए
त्योहारों पर फ़ोन रुकता ही नहीं। अपने-आप जाने वाले व्हाट्सऐप जवाब तुरंत कमरों की उपलब्धता, दाम, रास्ता और चेक-इन की जानकारी भेज सकते हैं, ताकि समय पर जवाब न देने की वजह से कोई बुकिंग न छूटे। देखिए हमारी बिज़नेस ऑटोमेशन सेवा।
आसान चेकलिस्ट
- 120 या ज़्यादा असली फ़ोटो के साथ पूरी गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल
- 2कमरों, दाम और सुविधाओं वाली मोबाइल-फ़र्स्ट वेबसाइट
- 3हर पेज पर व्हाट्सऐप और कॉल बटन
- 4मैप के साथ मुख्य मंदिरों की दूरी
- 5त्योहार के सीज़न का पेज, हर सीज़न से पहले अपडेट
- 6हर ख़ुश मेहमान से रिव्यू माँगने की आदत
हम ऐसी होटल वेबसाइट, गूगल मैप्स सेटअप और व्हाट्सऐप बुकिंग के साथ, वृंदावन, मथुरा और पूरे ब्रज में बनाते हैं। वेबसाइट ₹4,499 से शुरू।


