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गाइड

सस्ती वेबसाइट बनाम प्रोफ़ेशनल वेबसाइट: 10 फ़र्क़ जो तय करते हैं कि ग्राहक आपसे संपर्क करेंगे या नहीं

कुछ वेबसाइट हर हफ़्ते पूछताछ क्यों लाती हैं और कुछ एक भी नहीं? सस्ती और प्रोफ़ेशनल वेबसाइट के 10 साफ़ फ़र्क़, और अपनी मौजूदा साइट जाँचने का 5 मिनट का टेस्ट।

  • Braj Digital टीम
  • अपडेट
  • 7 मिनट में पढ़ें
स्टाइलिंग कुर्सियों और शीशों वाला मॉडर्न ब्यूटी सैलून

स्क्रीनशॉट में दो वेबसाइट एक जैसी लग सकती हैं। एक हर हफ़्ते व्हाट्सऐप पर पूछताछ लाती है, दूसरी साल भर में एक भी ग्राहक नहीं लाई। फ़र्क़ उन चीज़ों में है जो ज़्यादातर बिज़नेस मालिकों को दिखती ही नहीं। मथुरा, वृंदावन और पूरे भारत के बिज़नेस के लिए ये दस फ़र्क़ सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।

1. यह पहले फ़ोन के लिए बनी होती है

लोकल बिज़नेस ढूँढने वाले ज़्यादातर लोग फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं। प्रोफ़ेशनल वेबसाइट पहले छोटी स्क्रीन के लिए डिज़ाइन होती है: बड़े और साफ़ अक्षर, अँगूठे से आसानी से दबने वाले बटन, और दाएँ-बाएँ खिसकाने की ज़रूरत नहीं। सस्ती टेम्पलेट वेबसाइट अक्सर कंप्यूटर के लिए बनती हैं और फ़ोन पर बस ठूँस दी जाती हैं।

2. कमज़ोर नेटवर्क पर भी जल्दी खुलती है

पेज लोड होता रहे तो विज़िटर चले जाते हैं। प्रोफ़ेशनल वेबसाइट में हल्की फ़ोटो, साफ़ कोड और अच्छी होस्टिंग होती है, ताकि भीड़ वाले बाज़ार में भी 4G पर पेज जल्दी खुलें। किसी भी वेबसाइट को गूगल के PageSpeed Insights पर मुफ़्त में जाँच सकते हैं।

3. गूगल उसे ढूँढ और समझ पाता है

SEO कोई जादू नहीं, बल्कि ध्यान से किया गया बुनियादी काम है: हर पेज का अलग टाइटल और विवरण, सही हेडिंग, स्ट्रक्चर्ड डेटा जो गूगल को आपके बिज़नेस का नाम, जगह और सेवाएँ बताए, साइटमैप, और उसे जमा करने के लिए गूगल सर्च कंसोल। इसके बिना सुंदर वेबसाइट भी किसी को नहीं दिखती।

4. यह गूगल मैप्स से जुड़ी होती है

"बांके बिहारी के पास होटल" या "पास में मिठाई की दुकान" जैसी लोकल सर्च में गूगल वेबसाइट से पहले मैप्स के नतीजे दिखाता है। प्रोफ़ेशनल सेटअप में आपकी वेबसाइट पूरी गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल से जुड़ी होती है: सही पिन, कैटेगरी, फ़ोटो, समय और रिव्यू।

5. यह विज़िटर को पूछताछ में बदलती है

बिज़नेस वेबसाइट का सबसे बड़ा काम है लोगों से आपसे संपर्क करवाना। यानी हर पेज पर व्हाट्सऐप बटन, टैप करके कॉल होने वाला नंबर और रास्ता, साथ में छोटा पूछताछ फ़ॉर्म। सस्ती वेबसाइट में अक्सर फ़ोन नंबर किसी एक पेज के नीचे छिपा होता है, या होता ही नहीं।

6. यह सुरक्षित होती है और उसका बैकअप रहता है

SSL न हो तो ब्राउज़र आपकी साइट पर "Not secure" लिख देता है, जिससे ग्राहक डर जाते हैं। प्रोफ़ेशनल वेबसाइट में SSL, अपडेटेड सॉफ़्टवेयर, स्पैम से सुरक्षा और नियमित बैकअप होता है।

7. डोमेन और फ़ाइलें आपकी होती हैं

कुछ सस्ते डेवलपर डोमेन अपने नाम पर रजिस्टर कर लेते हैं, या ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर बनाते हैं जहाँ से आप निकल नहीं सकते। वो ग़ायब हुए, तो वेबसाइट भी ग़ायब। ज़ोर देकर कहिए कि डोमेन, कंटेंट, फ़ाइलें और लॉगिन आपके नाम पर हों।

8. लॉन्च से पहले इसकी जाँच होती है

टूटे लिंक, न जाने वाले फ़ॉर्म, ग़ायब फ़ोटो और स्पेलिंग की ग़लतियाँ, सब भरोसा तोड़ देते हैं। प्रोफ़ेशनल टीम वेबसाइट लाइव करने से पहले असली फ़ोन पर हर पेज, लिंक, बटन और फ़ॉर्म जाँचती है।

9. यह आपके ग्राहकों की भाषा बोलती है

ब्रज में बहुत से ग्राहक हिंदी में ज़्यादा सहज होते हैं, जबकि दूसरे राज्यों के श्रद्धालु और विदेश से आने वाले अक्सर अंग्रेज़ी पसंद करते हैं। भाषा बदलने के आसान बटन वाली दो भाषाओं की वेबसाइट दोनों का स्वागत करती है।

10. कोई उसकी देखभाल करता है

दाम बदलते हैं, त्योहारों के ऑफ़र आते-जाते हैं, फ़ोटो बदलनी पड़ती हैं। प्रोफ़ेशनल साथी के साथ बदलाव बस एक व्हाट्सऐप मैसेज दूर है। सस्ते डेवलपर के साथ पैसे देने के अगले दिन से अक्सर आप अकेले होते हैं।

5 मिनट में अपनी मौजूदा वेबसाइट जाँचिए

  1. 1इसे फ़ोन पर खोलिए। क्या बिना ज़ूम किए अक्षर पढ़ पा रहे हैं? क्या व्हाट्सऐप या कॉल बटन आसानी से दब रहा है?
  2. 2एड्रेस बार में ताले का निशान देखिए। अगर "Not secure" लिखा है, तो SSL नहीं है।
  3. 3Google PageSpeed Insights (pagespeed.web.dev) पर जाँचिए और मोबाइल स्कोर देखिए।
  4. 4गूगल पर site:yourdomain.com सर्च कीजिए। अगर बहुत कम या कोई पेज नहीं दिखता, तो गूगल ने साइट ठीक से इंडेक्स नहीं की।
  5. 5अपने बिज़नेस का नाम और शहर सर्च कीजिए। क्या आपकी वेबसाइट और गूगल मैप्स प्रोफ़ाइल दोनों दिखती हैं?
  6. 6अपने डेवलपर से पूछिए कि डोमेन किसके नाम पर रजिस्टर है।

काम की बात: अगर आपकी वेबसाइट इनमें से दो या ज़्यादा जाँच में फ़ेल है, तो वो आपके ग्राहक गँवा रही है। हमें लिंक भेजिए, हम ईमानदारी से बताएँगे कि ठीक करवाना बेहतर है या नई बनवाना।

फ़र्क़ आँखों से देखना है? हमारे होमपेज पर आमने-सामने तुलना में दोनों तरह की वेबसाइट चलती हुई दिखती हैं।

सवाल-जवाब

आम सवाल

जो ढूँढ रहे हैं वो नहीं मिला? व्हाट्सऐप पर सीधे हमसे पूछिए।

सवाल पूछें
क्या सस्ती वेबसाइट ठीक हो सकती है, या नई बनवानी पड़ेगी?

यह स्थिति पर निर्भर है। स्पीड, SSL, बेसिक SEO और संपर्क बटन अक्सर ठीक हो जाते हैं। अगर साइट किसी बंद प्लेटफ़ॉर्म या बहुत ख़राब टेम्पलेट पर बनी है, तो लंबे समय में नई बनवाना आम तौर पर सस्ता पड़ता है।

कैसे पता करें कि गूगल ने मेरी वेबसाइट इंडेक्स की है?

गूगल पर site:yourdomain.com सर्च कीजिए। पूरी जानकारी के लिए वेबसाइट को गूगल सर्च कंसोल में जोड़िए, जो बताता है कि कौन-से पेज इंडेक्स हुए और बाक़ी क्यों नहीं।

क्या प्रोफ़ेशनल वेबसाइट बहुत महँगी होती है?

ज़रूरी नहीं। Braj Digital की प्रोफ़ेशनल वेबसाइट ₹4,499 से शुरू होती है, जिसमें मोबाइल-फ़र्स्ट डिज़ाइन, बेसिक SEO और व्हाट्सऐप पूछताछ शामिल हैं।