ज़रूरी जानकारी
प्राइवेसी पॉलिसी
आपका भरोसा हमारे लिए ज़रूरी है। यह पॉलिसी बताती है कि हम कौन-सी जानकारी लेते हैं, क्यों लेते हैं और उसे कैसे सुरक्षित रखते हैं।
आख़िरी अपडेट: 23 सितंबर 2026
हम कौन हैं
Braj Digital मथुरा, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित एक डिजिटल सर्विस स्टूडियो है। इस पॉलिसी में “हम” और “हमारा” का मतलब Braj Digital है।
हम कौन-सी जानकारी लेते हैं
- आपकी दी हुई जानकारी, जैसे आपका नाम, बिज़नेस का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और वो बातें जो आप व्हाट्सऐप या पूछताछ फ़ॉर्म से भेजते हैं।
- प्रोजेक्ट की जानकारी, जैसे कंटेंट, फ़ोटो, लोगो और वो अकाउंट एक्सेस जो सर्विस देने के लिए ज़रूरी हो।
- वेबसाइट इस्तेमाल की सामान्य जानकारी, जैसे कौन-से पेज देखे गए और किस तरह का डिवाइस है, ताकि हम वेबसाइट बेहतर बना सकें।
हम जानकारी का इस्तेमाल कैसे करते हैं
- आपकी पूछताछ का जवाब देने और क़ीमत बताने के लिए।
- आपकी ली हुई सेवाएँ देने, संभालने और बेहतर बनाने के लिए।
- प्रोजेक्ट अपडेट, इनवॉइस और ज़रूरी सूचनाएँ भेजने के लिए।
- क़ानूनी, टैक्स और हिसाब-किताब की ज़रूरतें पूरी करने के लिए।
हम आपकी निजी जानकारी किसी को बेचते नहीं हैं।
पूछताछ फ़ॉर्म
हमारा पूछताछ फ़ॉर्म आपका नाम, व्हाट्सऐप नंबर, बिज़नेस का प्रकार और आपकी ज़रूरत पूछता है (ब्रज भक्ति फ़ॉर्म कुछ और सवाल पूछता है, जिनमें से ज़्यादातर ज़रूरी नहीं हैं)। भेजा गया फ़ॉर्म FormSubmit (formsubmit.co) के ज़रिए हमारे ईमेल पर आता है। अगर हमने अपने फ़ोन पर व्हाट्सऐप अलर्ट चालू किए हैं, तो उसी पूछताछ का छोटा सार CallMeBot सेवा से हमारे अपने नंबर पर आता है।
कुकी, एनालिटिक्स और आपकी सहमति
- पहले आपकी सहमति। गूगल एनालिटिक्स, गूगल ऐड्स और मेटा पिक्सल तभी लोड होते हैं जब आप बैनर पर “अनुमति दें” चुनें। मना करने पर इनमें से कुछ भी लोड नहीं होता और कोई ट्रैकिंग कुकी नहीं लगती।
- ये क्या मापते हैं: कौन-से पेज देखे गए, कौन-सा ऐड आपको लाया, और व्हाट्सऐप, कॉल या फ़ॉर्म से पूछताछ हुई या नहीं। फ़ॉर्म भेजने पर आपका फ़ोन नंबर गूगल के टैग द्वारा एन्क्रिप्ट (हैश) करके भेजा जा सकता है, ताकि विज्ञापन के नतीजे मापे जा सकें।
- फ़ैसला बदलना: फ़ुटर में “कुकी सेटिंग” से आप कभी भी सहमति दे या वापस ले सकते हैं।
- आपके ब्राउज़र में रखी छोटी जानकारी: आपकी भाषा, व्हाट्सऐप खोलने का तरीक़ा और सहमति का फ़ैसला आपके ब्राउज़र में रहते हैं। अगर आप किसी विज्ञापन से आए हैं, तो लिंक में लगे कैंपेन टैग (जैसे utm_source या क्लिक आईडी) सिर्फ़ इस विज़िट के लिए रखे जाते हैं और आपकी पूछताछ के साथ भेजे जाते हैं, ताकि हम जान सकें कौन-सा विज्ञापन काम आया।
व्हाट्सऐप और दूसरी सेवाएँ
जब आप व्हाट्सऐप पर हमसे संपर्क करते हैं, तो आपके मैसेज पर व्हाट्सऐप की अपनी प्राइवेसी पॉलिसी भी लागू होती है। होस्टिंग, ईमेल, पेमेंट, एनालिटिक्स और विज्ञापन के असर को मापने (जैसे गूगल और मेटा) के लिए हम भरोसेमंद सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, जो सिर्फ़ ज़रूरत भर जानकारी इस्तेमाल करती हैं।
जानकारी कितने समय तक रखी जाती है
पूछताछ की जानकारी हम जवाब देने और फ़ॉलो-अप तक रखते हैं, और प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड उतने समय तक जितना क़ानून या बिज़नेस के लिए ज़रूरी हो। जो जानकारी हमें अब नहीं चाहिए, उसे हटाने के लिए आप कह सकते हैं।
आपके अधिकार
भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के अनुसार आप अपनी निजी जानकारी देखने, सुधारने या हटवाने के लिए कह सकते हैं, और दी हुई सहमति वापस ले सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए तरीक़ों से हमसे संपर्क करें।
सुरक्षा
आपकी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए हम एन्क्रिप्टेड कनेक्शन और सीमित एक्सेस जैसे उचित उपाय अपनाते हैं।
इस पॉलिसी में बदलाव
हम समय-समय पर इस पॉलिसी को अपडेट कर सकते हैं। ऊपर लिखी तारीख़ आख़िरी बदलाव की है।
संपर्क करें
प्राइवेसी से जुड़े सवालों, शिकायतों या अपने अधिकारों के इस्तेमाल के लिए व्हाट्सऐप या +91 79060 04034 पर संपर्क करें, या brajdigi@gmail.com पर ईमेल करें। हम आपकी शिकायत का जवाब उचित समय में देंगे। Braj Digital, मथुरा, उत्तर प्रदेश, भारत।